मानवता की मिसाल बनी डॉ. प्रज्ञा सूर्यवंशी

सिवनी/बरघाट- कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को चिंता में डाल दिया है फिर भी आज व्यक्ति जिंदगी जीने के लिए हर कदम पर संघर्ष करता नजर आ रहा है इस संकट की घड़ी में सभी लोग ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं देश में आए विषम परिस्थिति से शीघ्र ही मुक्ति मिले।

जिले में बेकाबू नोबल कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने भयावह स्थिति बना दी है, तहसील बरघाट में अनेक परिवारों ने कोरोना बीमारी से अपने परिजनों को खो दिया है। जहां लोग कुछ समझ पाते तब तक कोरोना संक्रमण से अनेक लोग मौत के आगोश में समा चुके थे। तब बरघाट के महामाया परिवार की सदस्य विजय सूर्यवंशी की पुत्री डॉ. प्रज्ञा सूर्यवंशी ने सामने आकर अपना कर्तव्य निभाते हुए लोगों की सेवा करना शुरू किया।

डॉ. प्रज्ञा ने विषम परिस्थिति पर अपनी सेवाएं देना शुरू किया जब अनेक चिकित्सालय में डॉक्टर हाथ लगाने देखने तैयार नहीं है संक्रमित लोगो को घर जाकर उन्हें देखा और उनका उपचार के साथ उचित परामर्श प्रदान की जिन मरीजों का घर पर इलाज हो सकता है उन्हें घर पर ही रह कर आवश्यक दवाइयां लेने को कहा और जिन्हें चिकित्सालय में भर्ती होना जरूरी था उन्हें चिकित्सालय में भर्ती होकर डॉक्टर्स की देखरेख में अपना इलाज करने की सलाह प्रदान की।

डॉ. प्रज्ञा के द्वारा मार्गदर्शन प्राप्त कर लोग स्वस्थ होकर घर भी वापस आ गए हैं और जो लोग घर पर दवाइयां प्राप्त कर रहे हैं वह भी स्वस्थ हो गए हैं। कल से सोशल मीडिया में डॉ. प्रज्ञा के द्वारा कोरोना काल में क्षेत्र में दिए गए उनके योगदान की खूब प्रशंसा लोगों द्वारा की जा रही है।

बरघाट क्षेत्र में डॉ. प्रज्ञा के द्वारा कोरोना काल में जो सेवाएं प्रदान की जा रही है निश्चित ही वह प्रशंसनीय हैं।मरीज स्वतः ही डॉ. प्रज्ञा से कहने लगा है कि आप साथ है तो जिंदगी की जंग जीत ही जाएंगे, परंतु जिंदगी देना और लेना सब ईश्वर के हाथ में है।

कोरोना काल में बस केवल उम्मीद की आशा की किरण बनकर डॉ. प्रज्ञा क्षेत्रवासियों के सामने पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। जिन मरीजों ने उनसे ट्रीटमेंट कराया है और वह पूरी तरह स्वस्थ होकर घर वापस आ गए वह डॉ. प्रज्ञा की भूरी भूरी प्रशंसा कर रहे हैं और उन्हें धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं।

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